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वसुन्धरा कोमकली
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श्रीमति वसुन्धरा कोमकली स्व. कुमार गन्धर्व के संगीत शैली का प्रतिनिधित्व करते हुए एक सच्ची उत्तराधिकारी मानी जाती है । उनका जन्म कलकत्ता में हुआ था । वे वचपन से संगीत सीखती रही । 1946 में वे पंडित पलुस्कर के शिष्य ग्वालियर घराने के प्रो देव धर से संगीत की शिक्षा लेने मुम्बई आ गई एवं 10 वर्षो तक संगीत की शिक्षा लेती रही

उन्होंने अपने पति कुमार गन्धर्व से भी संगीत की शिक्षा ली एवं कुमार जी को विशिष्ट संगीत समारोहों जैसे गीत वर्षा, गीत हेमंत, गीत वसंत ऋतुराज महफ़िल त्रिवेणी, सुरदास, तुलसीदास दर्शन मैला उमजलेला बाल गन्धर्व के प्रस्तुतीकरण में भी सहयोग दिया । वसुंधरा जी कुमार गन्धर्व की संगीत यात्रा की केवल प्रेरणा ही नहीं थी । वे दूरदर्शन एवं रेडियो पर भी नियमित एकल गायिकी प्रस्तुत करती रही । उनके एकल गायिकी के कैसेट्स भी बने है। वसुंधरा का गायन कुमार गन्धर्व की गायन शैली को नई ऊचाईयो प्रदान करती है ।